बदायूं में सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय रूप से काम करने वाले सम्मानित

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। शहर के लालपुल स्थित एक मैरिज लॉन में “मजबूत लोकतंत्र, चुनौतियां एवं संभावनाएं” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन डॉ. इत्तेहाद आलम की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कारी मोहम्मद तय्यब खान द्वारा पवित्र कुरआन की तिलावत एवं उसके हिंदी अनुवाद से हुआ। इसके पश्चात UPDF के अध्यक्ष मोहम्मद शादाब ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों का स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।
जनाब रफीकुज्जमां ने कहा कि UPDF की स्थापना लोकतंत्र को मजबूत बनाने तथा आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। एडवोकेट वीरेंद्र जाटव ने कहा कि देश की बुनियाद संविधान है। डॉ. शकील अहमद ने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा भाईचारा है, जिसे आज कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। एडवोकेट अमन आलम ने सामाजिक लोकतंत्र को वर्तमान परिस्थितियों से जोड़ते हुए अपने विचार व्यक्त किए। वहीं कार्यक्रम के दौरान SIR में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
सौरभ सक्सेना ने कहा कि सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद हमें लोकतंत्र प्राप्त हुआ है और इसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। मौलाना साकिब हुसैन फलाही ने कहा कि शासन की मजबूती और स्थायित्व के लिए न्याय अत्यंत आवश्यक है। ज्ञान सिंह टंडन ने वर्तमान परिस्थितियों में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना यासीन अली उस्मानी ने कहा कि वर्तमान समय में सिविल सोसायटी की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने महात्मा गांधी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा, “लोकतंत्र में यदि अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित है, तो लोकतंत्र मजबूत है।” उन्होंने सिविल सोसायटी को जागरूक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अम्मार खलीक़ ने लखनऊ स्थित संस्था “ब्रेनी एंड ब्राइट” का परिचय कराया। सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी. डी. नक़वी ने कहा कि लोकतंत्र की बदौलत ही कमजोर वर्गों को अधिकार प्राप्त हुए हैं, इसलिए लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। डॉ. इत्तेहाद आलम ने कहा कि आज लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए सामाजिक सद्भाव को समाप्त करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे को बढ़ावा देकर नफरत फैलाने वाली ताकतों को नाकाम बनाना होगा। कार्यक्रम के अंत में सिराज अहमद ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सरफराज अब्बासी ने किया।
संगोष्ठी में सलमान अहमद, डॉ. संजीदा आलम (सेक्रेटरी, Women JIH UP West), आरिफा खातून (सेक्रेटरी, Women JIH UP West), अस्मां इम्तियाज, मोहम्मद मुस्लिम, सलीम असगर, एडवोकेट सलीमुद्दीन, अब्दुल मन्नान, अतीक अहमद, चमन आलम, मोहम्मद फुरकान, नूर मोहम्मद, फ़हीम अहमद, बिलाल अहमद, मोबिद खान, मुनीर अख्तर, अबरार अहमद, अमीरुल हसन तथा ताज खान, मुजम्मिल हुसैन, सालिम रियाज, सुबोध यादव, गौरव कुमार प्रजापति, एड0 सलीम उद्दीन, डॉ जुवेर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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