बदायूॅं जनमत। कस्बा सैदपुर के मोहल्ला खेड़ा स्थित मदरसा दारुल उलूम गौसिया स 80 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गय। जो ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के 79 वर्ष पूरे होने का जश्न है। इस मौके पर कई राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस मौके पर पूर्व अध्यापक तहव्वर हुसैन रिजवी और पूर्व अध्यापक सैयद मुहम्मद स्वालेह अली और हाफ़िज़ हनीफ साहब ने ध्वजारोहण कर लोगों को 80 वां स्वतंत्रता दिवस की मुबारकबाद पेश की, और वतन के लिए दुआ की गई। इस मौके पर असलम खान, पूर्व मेम्बर यूसुफ हुसैन, अब्दुल रहमान ऑपरेटर, मुशाहिद अली, न्याब अली, जमील हुसैन आदि लोग मौजूद रहे।
उधर, सैदपुर क्षेत्र के गांव उदयपुर स्थित मदरसा फैजाने गरीब नवाज से जश्ने आजादी के मौके पर मदरसा फैजाने गरीब नवाज के बच्चों ने आजादी का जुलूस निकाला। आजादी के ताल्लुक से मदरसा फैजाने गरीब नवाज के बच्चों ने अपने-अपने अंदाज में अपने ताआसुरात का इजहार किया।
इस मौके पर मदरसा फैजाने गरीब नवाज के चेयरमैन हाजी नुसरत अली ने कहा कि आजादी हमको ऐसे ही नहीं मिली बल्कि हमारे बुजुर्गों ने अपनी जान कुर्बान करके इस देश को आजाद कराया। उन्होंने कहा इस देश को आजाद करने में अंग्रेजों के खिलाफ अगर किसी ने सबसे पहले अपनी आवाज को बुलंद किया था और दिल्ली की जामा मस्जिद से अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का फतवा देने वाले कोई और नहीं इन्हीं मदरसों से तालीम हासिल करने वाले मौलाना फजले हक खैराबादी थे।इस देश की आजादी के खातिर अशफ़ाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद भगत सिंह ने अपनी कुर्बानी देकर इस देश को आजाद कराया मास्टर शरीफ अहमद ने कहा कि स देश की खातिर राजधानी लखनऊ से लेकर पेशावर तक 10000 उलेमा को फांसी के फंदे पर लटकाया गया था, तब जाकर यह देश आजाद हुआ था।
इस देश को आजाद करने में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद को नहीं भुलाया जा सकता। इस मौके पर बच्चों को अध्यक्ष हाजी नुसरत अली ने इनामात से नवाजा। मास्टर शरीफ अहमद, इशरत अली, अंसार अहमद ने बच्चों की हौसला अफजाई की, प्रोग्राम की निजामत मदरसे के हेड मास्टर उमेशचंद्र शर्मा ने की।



