बदायूँ जनमत। विश्व प्रसिद्ध दरगाह कुत्बे औलिया हज़रत मज़ाक मियां साहब रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर चल रहे 136 वें तीन रोजा सालाना उर्स के तीसरे दिन रात भर चले कव्वाली के दौर। दिन में 12:40 पर कुल शरीफ की रस्म अदायगी की गई। कुल शरीफ के इस मुबारक मौके पर वतन व कौम की खुशहाली अमनों आमान के लिये दुआये खैर की गई साथ ही दरगाह के सज्जादानशीन व पीर दादाओं ने हाजिर अकीदतमंदों को दुआओं से नवाजा कर फातिहा का तबर्रूक तकसीम किया।
तीन रोजा सालाना उर्स-ए-मुबारक में गुरुवार की पूरी रात कब्बाली का दौरा चलता रहा। जिसमें दूरदराज से आई हुई बहुत से कब्बालो की टोलियों ने पाकीजा व रूहानी कलामों की बौछार कर उर्स में हाजिर लोगों को दिल जीत लिया। इस बीच हजरत मज़ाक मियां साहब के मजार मुबारक पर गुलपोशी व चादरपोशी करने का भी सिलसिला जारी रहा। समाजवादी पार्टी के पूर्व दर्जा राज्यमंत्री आबिद रज़ा ने उर्स में हाजिर होकर अपने साथियों के साथ चादरपोशी व गुलपोशी कर दुआरें मांगी। इनके अलावा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष वफाती मियां व कांग्रेस अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष हाजी नुसरत अली ने अपने साथियों के साथ और समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिलाध्यक्ष संतोष कश्यप, कमलेश यादव, जया सिंह आदि ने अपनी टीम के साथ, पीस पार्टी के जिलाध्यक्ष सलीम खान एवं पार्टी प्रत्याशी सलीम उद्दीन अलीग एडवोकेट, प्रदेश सचिव अतीक अहमद पार्टी के अन्य लोग के साथ व भाकियू महात्मा टिकैत जिलाध्यक्ष परवेज अहमद ने अपनी टीम के साथ, आग़ाज़ संस्था के संस्थापक आमिर सुल्तानी, नितिन गुप्ता , मेघराज सिंह ने अपनी टीम के साथ, आज़ाद अधिकार सेना के सदर विधानसभा प्रत्याशी इंतजार हुसैन ने अपनी टीम के साथ, उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के जिला सचिव डॉ मुहम्मद शमसुद्दीन शम्स, नेत्रपाल शैलानी, विनोद रावत, अहमद नबी उर्फ भाई भाई ने अपनी टीम के साथ, वरिष्ठ शायर डॉ मुजाहिद नाज़ बदायूंनी के साथ शायरों की टीम ने व वरिष्ठ पत्रकार हामिद अली राजपूत आदि लोगों ने गुलपोशी व चादरपोशी की रस्म अदायगी कर दुआ मांगी।
दौरे कब्बाली के बाद कुल शरीफ की फातिहा की रस्म अदायगी की गई। जिसमें तफसील से फातिहा ख्वानी के बाद दरगाह के सज्जादानशीन दरगाह के सज्जादानशीन हजरत ख्वाजा सैयद मोहम्मद इख्तियार अली शाह अल मजाकी, हजरत ख्वाजा सैयद आसार अली शाह अल मजाकी, हजरत ख्वाजा सैयद इजहार अली शाह अल मजाकी, हजरत ख्वाजा सैयद फ़जल अली शाह अल मजाकी ने चादरपोशी व गुलपोशी करने में लोगो की मदद कर लोगों को दुआओं से नवाजा। बाद में लंगर शरीफ की महफ़िल सजाई गई जिसमें उर्स में हाजिर लोगों ने भोजन किया।

