बदायूं जनमत। शहर के चक्कर की सड़क स्थित विश्वविख्यात दरगाह ए आलिया कादरिया पर हज़रत हुजूर शाह ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह का तीन रोज़ा 185वें सालाना उर्से कादरी का समापन शुक्रवार को कुल शरीफ की रस्म के साथ बड़े ही अदबों एहतिराम के साथ हुआ। उर्स में ज़ायरीनों का हुजूम रहा, खानकाहे कादरिया के साहिबे सज्जादा काजी ए जिला ने मुल्क की खुशहाली अमन-चैन, शांति और भाईचारे के लिए दुआएं कराई।
गुरुवार रात में कादरी मजीदी कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। जिसकी अध्यक्षता मुख्य अतिथि के तौर पर मारहरा शरीफ से पहुंचे हुज़ूर रफ़ीके मिल्लत हज़रत सैयद नजीब हैदर मियां बरकाती नूरी खानकाह-ए-बरकातिया के सज्जादा नशीन ने की, उन्होंने एक दीनी आलिमाना किताब भी जारी की। इस दौरान खानकाहे कादरिया के साहिबे सज्जादा काजी ए जिला हज़रत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी की सरपरस्ती एवं हजरत मौलाना फज़ले रसूल मोहम्मद अज्ज़ाम मियां कादरी की निगरानी व नाज़िमे उर्स हाफिज अब्दुल कय्यूम कादरी की मौजूदगी में उर्स की रस्मे अदा की गई। कादरी मजीदी कॉन्फ्रेंस में तमाम उलमाए इकराम व खानकाहों के तमाम सज्जादानशीन मौजूद रहे। साथ ही मदरसा आलिया कादरिया के कई तलबाओं के कुरान मुकम्मल होने पर बच्चों की दस्तार बंदी की गई और उन्हें सनद दी। देशभर से हज़ारों की संख्या में पहुंचे अकीदतमंद ज़ायरीन ने साहिबे उर्स के वसीले से दुआएं मांगी और चादर पोशी व गुल पोशी की। तीन रोज़ा उर्से कादरी में सिर्फ दरगाह पर नमाज़ नातो मनाकिब महफ़िल और हल्का ए ज़िक्र की रूप में इबादत का दौर ही चलता रहा।



