बदायूॅं जनमत। शहर के चक्कर की सड़क स्थित विश्वविख्यात दरगाह-ए-आलिया कादरिया पर उर्स-ए-कादरी के दूसरा दिन नातो मनक़बत व हल्का ए ज़िक्र की गूंज रही। दरगाह पर हज़ारों की संख्या में अकीदतमंद ज़ायरीन इबादत मशगूल दिखाई दिए।
185वां सालाना उर्से कादरी का आज गुरुवार को दूसरा दिन साहिबे उर्स हज़रत हुजूर शाहे ऐनुल हक मौलाना अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स के दूसरे दिन हजारों की तादाद में जायरीन पहुंचे। आज गुरुवार 29 अक्टूबर को बाद नमाज़े जुहर तबर्रुकात शरीफ की जियारत कराई गई। बाद नमाजे इशा उर्स की सबसे बड़ी कादरी मजीदी कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। जिसमे साहिबे सज्जादा काजी ए जिला सहित उलमायें इकराम की मौजूदगी रहेगी।
कल 30 अक्टूबर (शुक्रवार) को बाद नमाज़े फज्र कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन किया जाएगा। उर्स के दौरान दरगाहे कादरी पर नमाज़ नातो मनाकिब हल्का ए ज़िक्र की आवाज़े गूंज रही है वही उर्से कादरी में देशभर से आये ज़ायरीनों को सबसे पहले नमाज़ की पावंदी पर प्राथमिकता दी जा रही है जो की वहां दिख भी रहा है। सड़कके दोनों ओर सजीं ज़रूरी सामान की दुकानें रौनक बिखेर रहीं है। खानकाह की ओर लगातार बड़ी तादाद में पहुंचे ज़ायरीनों के लिए लंगर भी चल रहा है कोई फूल देकर मेहमान नवाजी कर रहा है तो कोई इत्र लगाकर जायरीन का इस्तकबाल कर रहा है। उर्स के दौरान सबसे बड़ी बात यह दिखी की अज़ान होते ही जो दुकानें लगी हैं वहां दुकानदार सभी दुकानों पर पर्दा लगा देते है और नमाज़ की तरफ जाते दिखाई दिए।

