कुल की रस्म के साथ तीन रोजा उर्से सैयद शाह नज़फ अशरफ़ संपन्न, हुज़ूर सैयद अमीन मियां ने दुआ कराई

धार्मिक

बदायूॅं जनमत‌। कस्बा सैदपुर के मोहल्ला अशरफ़ नगर बड़ा तकिया में स्थित प्रसिद्ध दरगाह हजरत सय्यद शाह नजफ़ अशरफ रहमतुल्ला अलैहि दादा मियां खलीफ़ा-ए-हुजूर अच्छे मियाँ महरहरवी का तीन रोज़ा 168 वां उर्स कुल की रस्म के साथ सम्पन्न हुआ। कुल से पहले जलसे का आयोजन किया गया, जिसकी सदारत खानकाहे आलिया कादरिया बरकातिया बड़ी सरकार मारहरा शरीफ ने की। जलसे में उलेमाओं ने तकरीर पेश की, वहीं मंगलवार को सुबह कुल की रस्म अदा की गई। इस दौरान लोगों ने गुल पोशी कर कौम व मुल्क के लिए दुआ की साथ ही लंगर वितरण किया। इससे पहले एएमयू के पूर्व प्रोफेसर अल बरकात इंस्टीट्यूट के सदर अमीन मियां व उनके बेटे सय्यद अमान मियाँ का सैदपुर में जोरदार इस्तकबाल किया गया। बस अड्डे से उन्हें दरगाह शरीफ लाया गया। इस दौरान जगह जगह पुष्प वर्षा की गई।
उर्स के मौके पर जलसे का आयोजन किया गया। जिसकी सरपस्ती अल बरकात इंस्टीट्यूट अलीगढ़ के सदर पीरे तरीक़त रहबरे शरीअत गुले गुलज़ारे बरकातीयत हुजूर अमीने मिल्लत हज़रत सय्यद अमान मियाँ खानकाहे आलिया कादरिया बरकातिया बड़ी सरकार मारहरा शरीफ की रही। कार्यक्रम की शुरुआत तिलाबत-ए-कुराने मजीद से हाफिज नौशाद उदयपुरी ने किया। भोजपुर से आये मौलाना इकबाल अहमद ने तकरीर पेश करते हुए कहा अल्लाह ने हमारी रहवरी के लिए अपने नेक बन्दों को इस दुनिया में भेजा। हमें इनसे मुहब्बत करनी चाहिए, इनके मज़ार पर हाजरी देने से दिल को सुकून मिलता है। हमें अल्लाह और उसके रसूल के बताए रास्ते पर चलना चाहिए।

हज़रत अमान मियां ने बच्चों की तालीम पर दिया ज़ोर…

अल बरकात इंस्टीट्यूट अलीगढ़ के डायरेक्टर शहज़ादा ए हुजूर अमीने मिल्लत हज़रत अल्लामा मौलाना सय्यद अमान मियाँ ने तकरीर पेश करते हुए कहा हमें बच्चों की अच्छी परवरिश के साथ उनकी तालीम पर ध्यान देना होगा। दुनियावी तालीम और दीनी तालीम दोनों बहुत जरूरी है। खास तौर पर बेटियों को अच्छी तालीम दे बेटी पढ़ी लिखी होगी तो नस्ल दर नस्ल कामयाबी की मिसाल पेश करेगी प्यारे नवी की नस्ल भी बेटियों से ही चली है। अंत में हज़रत अमीन मियां ने तालीम पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में हम बच्चों को सिर्फ दुनियावी तालीम हासिल करा रहे है और उन्हें दीनी तालीम से दूर कर रहे है जिसकी वजह से आज बच्चे दीन से दूर हो रहे है कोशिश करें बच्चों को इंटरनेट की दुनियां से दूर रखें ताकि बच्चें गुमराह न हो। इस वक्त स्कूलों की छुट्टी है कोशिश करें बच्चों की दीनी तालीम दे। सलातो सलाम पेश कर हज़रत ने दुआ फरमाई। सुबह कुल की रस्म अदा की गई, कुल की रस्म के दौरान मेहमान ए खुसूसी के तौर पर हज़रत मुफ्ती सैयद वाक़िफ अली अशरफी साहब मौजूद रहे। आस्था है की दरगाह पर जो भी मुराद लेकर आता है वह खाली नहीं जाता, उर्स के मौके पर यहां सभी ज़ात धर्म के लोग आकर फैज़ पाते हैं। कुल के मौके पर लोगों ने गुलपोशी कर दुआ मांगी। कमेटी अन्जुमन दरगाह हजरत नजफ अली शाह रहमतुल्ला अलैह प्रबंध समिति की जानिब से लंगर का इंतजाम रहा। इस दौरान पेशे इमाम हाफिज रिज़वान कुरैशी, मौलाना शाने आलम खां, मौलाना मुमताज़ हैदर, मुफ्ती शाने आलम, जाहिद हुसैन, डाक्टर फैजान खां सिराज अहमद आदि भी मौजूद रहे।       

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *