बदायूॅं जनमत। आज मंगलवार को हर आंख उस वक्त नम हो गई जब एक ही परिवार के तीन लोगों की आर्थियां उठीं। उनके पीछे-पीछे पूरी भीड़ चल पड़ी। हर व्यक्ति की आंख नम दिखाई दे रही थी। गांव में मातम पसरा हुआ था। लोग यह कह रहे थे कि हे भगवान यह क्या हो गया। चाचा-भतीजी और उनके स्वजन तो पंजाब से लौट रहे थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। करनाल-पानीपत हाईवे पर जैसे ही वह पहुंचे कि मौत बनकर एक ट्रक आया और उन्हें अपने आगोश में ले लिया। जब उनके शव गांव लाए गए तो उन्हें देखकर पिता ने भी दम तोड़ दिया। मंगलवार सुबह पिता-पुत्र के शव का अंतिम संस्कार किया गया और बालिका के शव को दफन कर दिया गया।
बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव गुधनी निवासी 30 वर्षीय जसवीर पुत्र शिवदयाल पंजाब के होशियारपुर जिले में मजदूरी करते थे। वहां उनके परिवार के और भी लोग काम कर रहे थे। जसवीर चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके सबसे बड़े भाई ओमपाल की बेटी की दो अक्तूबर को शादी है। इससे परिवार में खुशियों का माहौल था। उसमें शामिल होने को जसवीर और उनके परिवार के सभी लोग एक पिकअप में सवार होकर 21 सितंबर को पंजाब के होशियारपुर जिले से बदायूं के लिए रवाना हुए थे। उनकी पिकअप करनाल-पानीपत हाईवे पर पहुंची थी। उसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया था, जिससे पिकअप पलट गई थी और उसमें दबकर जसवीर की छह वर्षीय भतीजी संध्या पुत्री राजेंद्र और उनके रिश्तेदार 10 वर्षीय रोहित पुत्र जोगेंद्र की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी जबकि जसवीर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था। इस हादसे में उनके परिवार के कई लोग घायल हुए थे। उनका भी स्थानीय अस्पताल में उपचार कराया गया था। इसकी सूचना पर गांव से कई लोग वहां पहुंच गए थे और वह सभी लोग चाचा-भतीजी के शवों को लेकर सोमवार रात गांव लौटे। जसवीर के पिता 60 वर्षीय शिवदयाल काफी कमजोर थे। वह अपने बेटे और नातिन की मृत्यु को सहन नहीं कर पाए।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इससे परिवार का दुख और दोगुणा हो गया। परिवार में चीत्कार मच गई। गांव में मातम पसर गया, जिसने सुना वह उनके घर की ओर दौड़ पड़ा। इस दुख की घड़ी में सभी लोगों ने उन्हें सांत्वना देने का प्रयास किया। उन्हें समझाया गया। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जसवीर और उनके पिता शिवदयाल के शवों का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया और नातिन के शव को दफन कर दिया गया।

