बदायूॅं जनमत। विश्व प्रसिद्ध दरगाह आलिया कादरिया पर हुजूर शाह ऐनुलहक हजरत अब्दुल मजीद कादरी बदायूंनी रहमतुल्लाह अलैहि का तीन दिवसीय सालाना उर्स शरीफ खानकाह के साहिबे सज्जादा काजी ए जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी की सरपरस्ती में मनाया जा रहा है। रविवार को उर्से कादरी के दूसरे दिन बड़ी तादाद में अकीदतमंद पहुंचे, दरगाह परिसर में सुबह महफ़िल ए ख़ास सजी, वहीं दोपहर को तबर्रुकात शरीफ की ज़्यारत कराई गई। बाद नमाज़े असर हल्का ए ज़िक्र हुआ जिसमे बड़ी संख्या अकीदतमंदो ने हिस्सा लिया। तीसरी महफिल का आगाज कारी फरमान कादरी ने तिलावते कुरान मजीद से किया। साहिबे सज्जादा काजी ए जिला हजरत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी ने पहले अपना कलाम पेश किया, उसके बाद अपनी इल्मी तकरीर से लोगाें के दिलों को रोशन किया। साथ ही साहिबे उर्स की ज़िन्दगी पर रौशनी डाली।
उसके बाद नाजिमे उर्स हजरत अब्दुल कय्यूम कादरी, हाफिज गुलाम अतीफ कादरी, हाफिज असद मुईन कादरी, अब्दुल हन्नान कादरी, अनीस पटेल कादरी ने नात शरीफ के कलाम पेश किये। महफ़िल में शहजादा-ए-ताजदारे अहले सुन्नत हजरत अल्लामा मौलना अज्जाम मियां कादरी, अहमद मुजतबा सिद्दीकी सहित उलमा आदि मौजूद रहे। इसके साथ ही मौलना अब्दुल कदीर कादरी मजीदी ने आलिमाना तक़रीर पेश की साहिबे उर्स की ज़िन्दगी पर रौशनी डालते हुए उन्होंने कहा खानकाहे कादरिया में इश्के रसूल के जाम भर भर कर पिलाये जाते है।


