सरकार का उम्मीद पोर्टल फेल; पांच दिसंबर तक कैसे दर्ज होगी वक्फ संपत्तियां, SDM को दिया पत्र

धार्मिक

बदायूॅं जनमत‌। भारत सरकार द्वारा जारी आदेशानुसार इन दिनों वक्फ संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण किया जा रहा है। लेकिन वक्फ संपत्तियों का ब्योरा दर्ज करने के लिए उम्मीद पोर्टल दगा दे रहा है। पिछले कई सप्ताह से पोर्टल की गति सुस्त है और दिनभर में कुछ ही समय चल रहा है। पांच दिसंबर तक आखिरी तारीख संपत्तियों का ब्योरा दर्ज करने की रखी गई है। पांच दिसंबर तक ब्योरा दर्ज होना संभव नहीं दिख रहा है। क्योंकि महज 70 फीसदी कमेटियों ने ही अभी पंजीकरण कराया है और इससे भी कम का डाटा सबमिट हुआ है। ऐसे में सहसवान निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाफिज इरफान ने एसडीएम के माध्यम से उप राष्ट्रपति को पत्र भेजा है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि देशभर की वक्फ संपत्तियों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन उम्मीद पोर्टल के माध्यम से छह माह की अवधि में पूरा किया जाना निर्धारित किया गया है। तथापि, पिछले कई सप्ताहों से उक्त पोर्टल पर गंभीर तकनीकी समस्याएं निरंतर बनी हुई हैं। जिनमें दस्तावेज़ अपलोड न होना, सबमिशन असफल होना, OTP का न आना या फेल होना, सर्वर टाइम-आउट, तथा एप्लिकेशन का पेंडिंग से रिजेक्टेड की स्थिति में परिवर्तित हो जाना विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इन तकनीकी बाधाओं के कारण देशभर में बड़ी संख्या में मुतवल्ली एवं वक्फ संस्थान निर्धारित समय सीमा में रजिस्ट्रेशन पूरा करने में असमर्थ रहे हैं, विशेषकर ग्रामीण एवं तकनीकी रूप से पिछड़े क्षेत्रों में समस्या अत्यधिक गहन है।
यदि समय सीमा समाप्त होने के पश्चात ऐसे आवेदन इनवैलिड / डिस्प्यूटेड घोषित किए जाते हैं, तो इससे लाखों सामुदायिक स्वरूप की धार्मिक एवं कल्याणकारी संपत्तियां मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान, दरगाह एवं अन्य परोपकारी संस्थान गंभीर कानूनी संकट व सामाजिक असंतोष की स्थिति में आ जाएंगी।

उप राष्ट्रपति से की मांग…

उन्होंने पत्र लिखकर उप राष्ट्रपति से मांग की है कि उम्मीद पोर्टल की तत्काल तकनीकी समीक्षा एवं स्वतंत्र ऑडिट किया जाए। वक्फ रजिस्ट्रेशन के लिए 3 से 6 माह की सामान्य समय-वृद्धि बढ़ाई जाए। वह सभी आवेदन वैध माने जाएं जो समय सीमा के भीतर पोर्टल पर सबमिट / प्रयास किए गए हों। तहसील स्तर पर ऑफलाइन सबमिशन विंडो तत्काल प्रारंभ की जाए। समीक्षा पूर्ण होने तक पेंडिंग एप्लीकेशन्स को इनवैलिड या डिस्प्यूटेड श्रेणी में न रखा जाए। मंत्रालय द्वारा साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जारी की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस दौरान कई लोग मौजूद रहे।

उप राष्ट्रपति को संबोधित पत्र SDM को सौंपते हुए : जनमत एक्सप्रेस।

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