बदायूॅं जनमत। जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने आरोग्यम अस्पताल में छापा मारकर कार्रवाई की। इस दौरान वहां पर कोई मरीज नहीं मिला, हालांकि वहां पर लेबर रूम और ओटी (ऑपरेशन थिएटेर) बना मिला। जिसकी कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इस पर ओटी और लेवर रूम को सील कर दिया गया है।
कादरचौक स्थित आरोग्यम अस्पताल स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत है, लेकिन यहां मानकों की अनदेखी की जा रही थी। इस तरह का मामला डीएम अवनीश राय के संज्ञान में आया। जिसके बाद में डीएम ने टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए। जिसके बाद में एसडीएम सदर मोहित कुमार, सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय और स्वास्थ्य विभाग से डॉ. राजवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को छापा मारा। टीम ने वहां पर गहनता से जांच की। अस्पताल में कई खामियां मिलीं।
डॉक्टर हृदेश के नाम पर पंजीकृत है अस्पताल…
जांच में पाया गया कि आरोग्यम अस्पताल डॉक्टर हृदेश कुमार पाल के नाम पर पंजीकृत है, लेकिन वह तीन दिन के अवकाश पर गए हैं। जब टीम ने वहां पर जांच की और रजिस्टर देखा तो पाया कि डॉ. हृदेश के नाम पर एक भी मरीज आज तक चढ़ा नहीं मिला। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह अस्पताल नहीं आते हैं, बल्कि उनके नाम पर केवल अस्पताल का पंजीकरण कराया गया है। जबकि इसकी कैंपस में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. बृजभान सिंह कश्यप बैठते हैं। उनका रजिस्ट्रेशन आयुर्वेद में हो रखा है। इनकी ओर मरीजों के इलाज का रिकॉर्ड मिला है।
ओटी, लेबर रूम का नहीं मिला पंजीकरण…
टीम ने जब छापा मार कार्रवाई की, तो उन्होंने पाया कि हॉस्पिटल में ओटी और लेबर रूम बना हुआ है। जिसका स्वास्थ्य विभाग के यहां पर कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जिसके चलते अधिकारियों ने ओटी और लेबर रूम को सील कर दिया है।
एसडीएम सदर मोहित कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर कादरचौक में स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल पर छापा मारा था। वहां गहना से जांच की गई। अब रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। अग्रिम कार्रवाई डीएम के स्तर से होगी।

