बदायूं में भेड़ों के बाड़े में हमला; पांच भेड़ों की मौत, 15 घायल, गांव में मचा तेंदुआ आने का शोर

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। सोमवार सुबह एक भेड़ों के बाड़े में पांच भेड़ मरी मिलीं। 15 भेड़ें गंभीर रूप से घायल थी। मृत भेड़ों का मांस जगह-जगह नोचा गया था। ऐसे ही निशान घायल भेड़ों पर भी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक ऐसा लगता है कि किसी जंगली जानवर ने भेड़ों पर हमला किया। बाड़े की ऊंची दीवार लांघकर घुसे इस जानवर के पैरों के निशान दोनों ओर मिले हैं। गांव में तेंदुआ आने का शोर मचा हुआ है। घटना के बाद गांव में खौफ का माहौल है। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बितरोई निवासी सचिन भेड़ पालन करते हैं। इसके लिए उन्होंने घर के पास ही एक पक्का बाड़ा बनवा रखा है। इस बाड़े में 61 भेड़ें पल रही थीं। सचिन ने बताया कि रविवार की रात लगभग साढ़े 11 बजे अचानक भेड़ों के मिमयाने की आवाज आई। सचिन और परिवार के लोग लाठी-डंडे लेकर बाड़े में गए तो जैसे ही वह उसमें घुसे दीवार से उस पार किसी के कूदने की आवाज आई लेकिन वे उसे देख नहीं सके। बांड़े का मंजर देखकर सभी दंग रह गए। पांच भेड़ें लहूलुहान हालत में मरी पड़ी थीं तो 15 भेड़ों के शरीर पर किसी हिंसक पशु के काटने के निशान थे। इस घटना के बाद गांव में तेंदुआ आ जाने का शोर मच गया। तमाम लोग लाठी-डंडे लेकर निकल आए। घटना के बाद से पूरा गांव रात में सो नहीं सका। सोमवार सुबह को किसी ने डायल 112 पर सूचना दे दी। पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों से घटना की जानकारी जुटाई। हिंसक जानवर आने की जानकारी पर आसपास का इलाका भी देखा। गांव के बाहरी ओर भी गए। पूरे मामले की जांच पड़ताल की। गांवों को भयमुक्त कराए जाने का आश्वासन भी दिया।

गांव में खौफ का माहौल…

ग्रामीणों में तेंदुआ आने का शोर है। गांव के लोगों ने कहा है कि अभी तो भेड़ों पर हमला हुआ, कहीं ऐसा न हो कि हिंसक जंगली जानवर गांव में जनहानि पहुंचा दे। ग्रामीण अपने बच्चों को लेकर बेहद चिंतित हैं। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा पीड़ित पशुपालक को मुआवजा दिलाए जाने की मांग की गई है।

मृत भेड़ों के पोस्टमॉर्टम में हिंसक जानवर के हमले की पुष्टि…

ग्रामीणों की मांग पर पशु चिकित्सा विभाग उझानी डॉ. विवेक माहेश्वरी की टीम ने मृत भेड़ों का पोस्टमॉर्टम किया। उनका कहना है कि किसी जंगली जानवरों ने इन्हें अपना शिकार बनाया है। कुछ ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग को भी इस घटना की सूचना दे दी थी।

पग चिह्नों को लेकर भ्रमित हो रहे ग्रामीण…

गांव बितरोई के ग्रामीणों ने भेड़ों की बाड़े के पास जिस हिंसक जानवर के पग चिह्न दिखाए हैं, वे उसे तेंदुआ के पग चिह्न मान रहे हैं। लेकिन वन विभाग की टीम ने इसे कुत्ते की नस्ल में किसी जंगली जानवर के बताए हैं। ग्रामीणों को कहना है कि वैसे तो भेड़ बकरियों का शिकार लोमड़ी, भेड़िया भी कर लेते हैं लेकिन बाड़े की दीवार जितनी ऊंची है, उसे देखते हुए नहीं लगता कि इस तरह के जानवर बाड़े की इतनी ऊंची दीवार फांदकर बाड़े में घुस सकते हैं। इसलिए ग्रामीण तेंदुआ होने की आशंका ही जता रहे हैं।
इस क्षेत्र में वन विभाग के घेरे से छूटकर भाग गया था तेंदुआ
गांव के लोगों ने बताया कि करीब नौ वर्ष पूर्व बितराई गांव से दक्षिण में एक किमी दूर स्थित सिकंद्राबाद गांव में तेंदुआ आ गया था। जिसने एक बालक को घायल कर दिया था और वह खेतों में एक कुंए में गिर गया था। गांव वालों ने कुंए पर चारपाई डाल कर उसे निकलने नहीं दिया। वन विभाग की टीम पहुंची, उसने सीढ़ी डाली थी। उससे वह निकल भागा, जो अबतक हत्थे नहीं चढ़ा। इसी प्रकार वजीरगंज क्षेत्र के रोटा में भी अज्ञात जंगली जानवरों ने 40 भेड़ों को मार डाला था। उसके बारे में भी पता नहीं लग सका कि कौन से जानवर ने उन्हें मारा है।
वन विभाग के एसडीओ जगन्नाथ ने कहा कि विभाग की टीम ने बितरोई में दौरा किया है। जानवर के पैरों के निशान देखे हैं। भेड़िया जैसे जानवर का हो सकता है।

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