बदायूं में UGC को लेकर विरोध; भाजपा के तीन बूथ अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा, युवाओं ने खून से लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। जिले के उप नगर बिल्सी में यूजीसी के नए नियमों के विरोध को लेकर सवर्ण समाज के लोगों में आक्रोश देखने को मिला। बुधवार को लोगों ने नगर के गांधी पार्क से तहसील तक पैदल मार्च निकालते हुए जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर यूजीसी के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया। इस दौरान यूजीसी वापस लो, समाज को बांटने की साजिश नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए गए। तहसील परिसर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी प्रेमपाल सिंह को सौंपा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि जिस तरीके से यूजीसी के नए नियमों को लागू किया गया है, उससे समाज में भ्रम और विभाजन पैदा किया जा रहा है। सर्वण समाज इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यदि यूजीसी के नए नियमों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। व्यापारी नेता डॉ.राजाबाबू वार्ष्णेय ने कहा कि यूजीसी के माध्यम से विद्यार्थियों को आपस में बांटने का प्रयास किया जा रहा है, जो देश और समाज के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि समाज इस निर्णय का पुरजोर विरोध करता है। समाजसेवी दीपक चौहान और रजनीश शर्मा ने कहा कि समाज यूजीसी के विरोध में एकजुट है और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक नए नियम वापस नहीं होंगे, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर और आसपास पुलिस बल तैनात रहा। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।

उघैती में भाजपा के दो बूथ अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

यूजीसी के नए नियमों के विरोध में उघैती मंडल के दो बूथ अध्यक्षों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में सुमित गुप्ता और केशव मिश्रा शामिल हैं। दोनों नेताओं ने यूजीसी कानून को समाज के विरुद्ध बताते हुए कहा कि यह कानून सर्वण समाज के साथ अन्याय है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कानून पर पुनर्विचार की मांग की है। इस्तीफे के बाद स्थानीय सियासत में चर्चा तेज हो गई है।

भाजपा बूथ अध्यक्ष सोमेश ने दिया इस्तीफा

बिसौली विधान सभा से भाजपा के बूथ अध्यक्ष सोमेश मिश्रा ने यूजीसी का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा मंडल अध्यक्ष को सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि वह यूजीसी जैसे काले कानून को सवर्ण विरोधी मानते हैं। यह सामाजिक सिद्धांतों के प्रतिकूल है। इसमें निहित नियमों के विरोध में हैं। इसीलिए अपने पद से स्वप्रेरणा से इस्तीफा दे रहे हैं।युवाओं ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम लिखा खून से पत्र

ब्लॉक इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी निवासी सौरभ दीक्षित व सुराही निवासी दीपक दीक्षित ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखा है। जिसमें यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की गई है। इसके साथ ही युवाओं ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बिल्सी के एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस कानून को सवर्ण विरोधी बताया गया है। कहा कि इससे सवर्ण वर्ग के बच्चों का करियर चौपट करने वाला है।

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