बदायूॅं जनमत। बीती रात बारातियों से भरी प्राइवेट बस और कटर के ट्रैक्टर से भिड़ंत के बाद कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में बस चालक की घोर लापरवाही सामने आई है। अगर बस चालक अपनी जिम्मेदारी निभाता तो शायद आज दो घरों के चराग नहीं बुझते।
बता दें कि बीती रात कस्बा उसहैत के वार्ड संख्या सात निवासी फिरासत शाह के बेटे सोहिल की बारात मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव कोल्हाई जा रही थी। गांव सब्दलपुर के पास बारातियों से भरी बस और कटर लगे ट्रैक्टर में भिडंत हो गई। जिसमें वार्ड संख्या दो निवासी साजिद (25 वर्ष) पुत्र ताहिर उर्फ नन्ने शाह और वार्ड संख्या सात निवासी इशरत खान के 12 वर्षीय पुत्र फरहान की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं अकरम (30 वर्ष), अर्श (08 वर्ष), उवैश (12 वर्ष), तौसीफ (07 वर्ष), मुन्तयाज (15 वर्ष), राहिल (22 वर्ष), दानिश (26 वर्ष) घायल हुए हैं। जिनका उपचार राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
शराब के नशे में था बस चालक…
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस चालक कस्बा उसहैत का ही निवासी हैं। उसने और बस हैल्पर ने बदायूं बस रोककर शराब पी थी। शराब पीने के बाद चालक बस को तेज गति से भगाने लगा था। कुछ लोगों ने बस धीरे चलाने को कहा लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। इसी दौरान गांव सब्दलपुर के पास एक कटर लगा ट्रैक्टर यू-टर्न लेने को रुका था। बस चालक ने तेज गति के बावजूद बस को धीरे नहीं किया और तेज रफ्तार पर ही कट मारकर बस निकालने की कोशिश करने लगा। जिसके परिणामस्वरूप बस का अगला हिस्सा तो निकल गया लेकिन, पिछले हिस्से की कटर से भिड़ंत हो गई। बस इतनी रफ्तार पर थी कि बस का पिछला हिस्सा सीटों सहित उखड़ कर रोड पर जा गिरा। बस के पीछे बैठे बाराती हादसे का शिकार हो गए।
गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक हुए मृतक…
बस हादसे के मृतक फरहान का शव पोस्टमार्टम के बाद पहले पहुंचा, जिसे देखने के लिए हजारों लोगों का तांता लग गया। उसहैत के सार्वजनिक कब्रिस्तान में जोहर की नमाज़ के बाद उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके कुछ देर बाद साजिद को भी इसी कब्रिस्तान में दफन किया गया। दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।

