बदायूॅं जनमत। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र महाजन के आवास रघुवीर नगर स्थित कार्यालय पर एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए बयान के संदर्भ में ऑल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र महाजन ने स्वर्ण व्यापारियों की ओर से प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा है कि गोल्ड की खरीद को एक वर्ष तक रोकने जैसी अपील पर पुनर्विचार किया जाए। भारत में गोल्ड मात्र इन्वेस्टमेंट नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा, बेटी की शादी, परिवार की सुरक्षा और कठिन समय की सुरक्षा और कठिन समय की बचत का हिस्सा है। सदियों से भारतीय परिवारों के लिए सोना एक सुरक्षा कवच रहा है। इस सराफा उद्योग से छोटे बड़े व्यापारी और कारीगर अनेक प्रकार के लोग लाखों की संख्या में जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा वैश्विक परिस्थितियों के कारण पहले से ही गोल्ड के रेट लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री जी के द्वारा गोल्ड खरीद रोकने की अपील छोटे व्यापारियों और कारीगरों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालेगी। उन्होंने कि सरकार की ओर से गोल्ड खरीद रोकने के बजाय गोल्ड रीसाइकलिंग मिशन चलाया जाए, क्योंकि आज भी भारत में बड़ी मात्रा में अनुपयोगी गोल्ड पड़ा हुआ है। जिसके पुनः उपयोग से गोल्ड का आयात कम किया जा सकता है। ऐसा करने से सराफा बाजार सामान्य रूप से चलता रहेगा। साथ ही बिलिंग में पारदर्शिता को पुख्ता कर ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया जाए। सरकार को गोल्ड की मांग में कमी करने की बजाय देश की प्रमुख गोल्ड एसोसिएशनों से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए। जितेंद्र महाजन ने कहा कि देश में तेल संकट की मार सिर्फ गोल्ड कारोबार पर ना पड़े। इसके लिए जल्दी ही अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर अपने सर्राफा व्यापारियों की वेदना को सरकार के समक्ष रखेंगे। क्योंकि सर्राफा व्यापारी हमेशा से ही राष्ट्रीय विचारधाराओं से जुड़ा हुआ है इसलिए संकट में हम हमेशा सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहेंगे। परंतु सरकार को भी हमारी अनदेखी न करे।
सुझाव 1: देश के नेताओं और सरकारी अधिकारियों से विनम्र निवेदन है कि सिर्फ दो वर्ष तक घूसखोरी व रिश्वत लेना बंद कर दें। देश की अर्थव्यवस्था अपने आप नहीं ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगी। इसके लिए आवश्यक कदम उठाया जाना सरकार द्वारा जरूरी ह।
सुझाव 2 : मंत्रियों विधायकों एवं नेताओं द्वारा गाड़ियों के लंबे-लंबे काफिले की मात्रा घटकर सीमित की जाए ताकि अतिरिक्त भार सरकार पर ना पड़े। सुझाव 3 : देश की गोल्ड व्यापार करने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे रिलायंस, मालाबार, इंद्रियया, कपीश, तनिष्क, किसना, पीसी आदि दर्जनों कंपनियों पर एक वर्ष के लिए रोक लगा दी जाए ताकि हम खुदरा व्यापारियों का व्यापार सुचारू रूप से चल सके और अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।

