बदायूॅं जनमत। जिला न्यायालय सुरक्षा में तैनात मेघश्याम गौतम (58 वर्ष) का शव बृहस्पतिवार सुबह उनके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। मथुरा से आए परिजनों ने सुरक्षा प्रभारी इंस्पेक्टर शाहिद अली पर उन्हें ड्यूटी के दौरान तिलक लगाने के कारण प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने शाहिद अली को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दिए हैं।
मथुरा के गोविंदनगर इलाके के गांव सकना निवासी मेघश्याम यहां एक साल से न्यायालय सुरक्षा में तैनात थे। वहां यहां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में विकेश के मकान में किराये पर रह रहे थे। विकेश ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार सुबह मेघश्याम का फोन रिसीव न होने पर बेटी से उनकी बात कराने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति को ऊपर कमरे पर भेजा। बार-बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी। सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने पहुंचकर कमरे के दरवाजा को तोड़ा तो मेघश्याम का शव कमरे में ऊपर बने रोशनदान की सरिया में डाले गए फंदे से लटका मिला। सूचना पर एसएसपी, एसपी सिटी और सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने ये लगाए आरोप…
मृतक दरोगा मेघश्याम गौतम की पत्नी विमलेश, बेटे ब्रजनंद गौतम और मेघश्याम के साढ़ू के बेटे अंकुर ने पुलिस अफसरों को बताया कि इंस्पेक्टर शाहिद से मेघश्याम बहुत परेशान थे। उन्होंने अंकुर को बताया था कि कहता है कि तिलक क्यों लगाते हो, ड्यूटी पर तिलक नहीं चलता। मैं राम-कृष्ण को नहीं मानता।

