बदायूॅं जनमत। बैंक की कथित लापरवाही से एक किसान के बचत खाते से एक लाख रुपये से अधिक की राशि कट जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान पिछले तीन माह से बैंक अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर उसने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की उसावां शाखा के प्रबंधक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
थाना उसहैत क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर अतिराज निवासी उमाशंकर ने बताया कि उनका पीएनबी की उसावां शाखा में किसान के्रडिट कार्ड (केसीसी) खाता संचालित था। वर्ष 2024 में बैंक की एकमुश्त समझौता योजना (ओटीएस) के तहत उन्होंने 85 हजार रुपये जमा कर खाते का पूर्ण निस्तारण कर दिया था। इसके बाद बैंक द्वारा उन्हें देयता मुक्त प्रमाण पत्र (एनओसी) भी जारी कर दिया गया था।
पीड़ित का आरोप है कि ऋण खाते का निस्तारण होने के बाद बैंक को केसीसी खाता बंद कर देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आरोप है कि 24 फरवरी 2026 को पीएनबी की म्याऊं शाखा में संचालित उनके बचत खाते से 1,02,197.88 रुपये की राशि काटकर उसावां शाखा के केसीसी खाते में स्थानांतरित कर दी गई।
किसान का कहना है कि खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर वह लगातार उसावां और म्याऊं शाखा के अधिकारियों से संपर्क कर रहा है, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इससे उसे आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उमाशंकर ने शाखा प्रबंधक को दिए पत्र में मांग की है कि बैंक अपनी त्रुटि को स्वीकार करते हुए बचत खाते से काटी गई राशि तत्काल वापस करे। साथ ही ओटीएस के तहत निस्तारित हो चुके केसीसी खाते को स्थायी रूप से बंद किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है। वहीं, बैंक अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका था।

