बदायूॅं जनमत। गाजियाबाद के चर्चित विपिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू को नाम बदलकर तमंचा रखने के आरोप में गिरफ्तार दिखाने के मामले में दो और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। बदायूं जिले में तैनात दो दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसपी देहात की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। आरोपी सोनू से 15 लाख रुपये की डील होने की बात सामने आई थी।
मूसाझाग थाने के दरोगा राजकुमार सिंह और फैजगंज बेहटा थाने के एसएसआई नरेंद्र कुमार पर गाज गिरी है। इस प्रकरण में बिनावर, मूसाझाग और फैजगंज बेहटा थाने के तीन दरोगाओं की मिलीभगत की चर्चा है। कई अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
यह था पूरा मामला…
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में 12 जुलाई को कार के हॉर्न बजाने को लेकर हुए विवाद में सोनू ने विपिन की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी सोनू फरार हो गया था। गाजियाबाद पुलिस ने उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। सोनू गाजियाबाद पुलिस से बचने के लिए बदायूं पहुंचा था। यहां उसने कई थानों में गिरफ्तारी देने का प्रयास किया और मोटी रकम का ऑफर भी दिया था।
जांच का दायरा बढ़ा…
बिनावर थाने के एसएसआई बलवीर सिंह ने 23 जुलाई को सोनू को तमंचे के साथ गिरफ्तार दिखाया था। उसे दिल्ली निवासी सोहनपाल उर्फ सूजल बताकर कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। लोनी पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ। डीआईजी अजय साहनी ने प्रकरण की जांच बरेली के एसपी सिटी मानुष पारिक को सौंपी है।
बदायूं के एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह की प्रारंभिक रिपोर्ट पर 31 जुलाई को एसएसपी अंकिता शर्मा ने एसएसआई बलवीर सिंह को निलंबित किया था। एसपी देहात ने विस्तृत जांच शुरू की, जिसमें दरोगाओं की मिलीभगत सामने आई है। इसके बाद दो और दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया।


