बदायूॅं जनमत। सैदपुर कस्बे में जुलूस-ए-मुहम्मदी को लेकर अफवाहों के बीच अमन कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कहा गया कि सैदपुर में कभी दो जुलूस निकलते ही नहीं थे और ना ही निकाले जा रहे हैं। जो परंपरागत जुलूस है वही एक जुलूस निकाला जाएगा। 26 अगस्त बुधवार को भी बस्ती के सभी जिम्मेदार आपसी सौहार्द, मुहब्बत के साथ मिलजुल कर जुलूस-ए-मुहम्मदी निकालेंगे।
बैठक में कुछ लोगों ने कहा कि कोरोना काल के बाद जुलूस-ए-मुहम्मदी की परमिशन लगातार तीन वर्षों से ली जा रही थी। अनुमति संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत कर तथा आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के बाद ही प्राप्त की जा रही थी। अनुमति प्राप्त करने में किसी को गुमराह करने अथवा किसी तथ्य को छिपाने का प्रश्न ही नहीं है।
अंतर केवल इतना है कि थाने के रिकॉर्ड में जुलूस के सदर का नाम दूसरा था और कोरोना काल के बाद परमिशन दूसरे नाम से ली जा रही थी। बस्ती के जिम्मेदार लोगों ने आपस में बैठकर मीटिंग की और इन अफवाहों को नकारते हुए तमाम ग़लत फहमियों को दूर किया है। साथ ही अहले बस्ती से शांति के साथ जुलूस को अंजाम देने की अपील की है।


