बदायूॅं जनमत। म्याऊं-उसहैत लिंक रोड किनारे बसे गांव में निर्माणाधीन मकान का लिंटर अचानक भर-भराकर गिर पड़ा। जिसमें मकान स्वामी समेत तीन लोग दब गए। हादसे की सूचना पर गांव और प्रशासन में हड़कंप मच गया। हर कोई घटनास्थल की ओर भाग निकला। काफी मशक्कत और जेसीबी मशीन की मदद से तीनों को निकाला गया। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया।
उसहैत थाना क्षेत्र के गांव नसीरनगर में रोड किनारे पन्नालाल यादव पुत्र धर्मपाल सिंह का मकान बन रहा था। आज रविवार दोपहर से मकान का लिंटर डाला जा रहा था। मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान मकान का लिंटर अचानक भर-भराकर गिर पड़ा। लिंटर के नीचे मकान स्वामी पन्नालाल (28) पुत्र धर्मपाल सिंह, चंद्रभान (36) पुत्र रतन सिंह और अवनीश (30) पुत्र राजपाल (पन्नालाल का साला) निवासी गांव मदनपुर सेंटा थाना कलान जनपद शाहजहांपुर दब गए।
हादसे के बाद गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थानाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से लिंटर का मलबा हटाया गया। वहीं जेसीबी मशीन से मलबे के नीचे दबे घायलों को निकाला गया। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने मकान स्वामी के साले अवनीश पुत्र राजपाल यादव को मृत घोषित कर दिया। देर शाम तक सैकड़ों लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुटी रही।
घंटों बाद पहुंचा राज्य आपदा मोचन दल…
ग्रामीणों और थाना पुलिस की मदद से चलाए गए राहत बचाव कार्य के बाद तीनों घायलों को लिंटर के मलबे से निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसे बाद भी लोग किसी अन्य के दबे होने की आशंका को लेकर जेसीबी से मलबा हटवाते रहे। शाम होने के बाद ग्रामीणों को तसल्ली हुई और लोग घटनास्थल से अपने-अपने घरों को जाने लगे। इसके कहीं बाद राज्य आपदा मोचन दल (SDRF) पहुंचा। दल के कर्मी ने फोटो और वीडियो बनाकर वापस लौट गए। बता दें कि राज्य आपदा मोचन दल की टीम अटैना गंगा घाट पर कैंप किए हुए है।




