धारावी में बिना अनुमति निर्माण और निवासियों पर दबाव का आरोप, संजय रमेश भालेराव ने की जांच की मांग

मुंबई जनमत

सैय्यद जाहिद अली रियासत

मुंबई जनमत। सामाजिक कार्यकर्ता संजय रमेश भालेराव ने धारावी पुनर्वासन परियोजना के सेक्टर-6 में आवश्यक शासकीय अनुमतियां लिए बिना निर्माण शुरू होने का आरोप लगाया है। उन्होंने ये भी मांग की है कि प्रशासनिक लिखित आदेशों का पालन हुआ है या नहीं? निर्माण के लिए कौन-सी अनुमतियां दी गई हैं और क्या स्वीकृत नक्शों के अनुसार काम शुरू है? इसकी स्वतंत्र जांच कर दस्तावेज जनता के सामने सार्वजनिक किए जाएं।
भालेराव ने कहा धारावी का संपूर्ण मास्टर प्लान और सेक्टर-वार नक्शे निवासियों के लिए अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। नागरिकों के सुझाव व आपत्तियां दर्ज कर उन पर सुनवाई करने की पारदर्शी प्रक्रिया भी नहीं हुई है, ऐसा उन्होंने कहा। “नागरिकों का पुनर्वास कहां होगा, घर कब मिलेगा और उनके अधिकारों की लिखित गारंटी क्या है, यह स्पष्ट किए बिना घर खाली करने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है।

घर के बदले घर के आश्वासन का क्या हुआ..?

भालेराव ने बताया कि संबंधित विकासक (डेवलपर) ने अनुबंध प्रक्रिया के दौरान निवासियों को घर के बदले घर, अर्थात ‘की टू की’ पुनर्वास का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब किराए के चेक स्वीकार कर घर खाली करने के लिए दबाव डाला जा रहा है, ऐसी शिकायतें निवासियों की ओर से आ रही हैं।
विकासक को अनुबंध करने के लिए कौन-से अधिकार व मंजूरी दी गई है, अनुबंध का आधिकारिक स्वीकृत नमूना कौन-सा है और स्थायी पुनर्वास की जिम्मेदारी कौन लेगा, इसका लिखित खुलासा प्रशासन करे, ऐसी उनकी मांग है।
अधिकारों की मांग करने वाले नागरिकों को ‘असहयोग करने वाला’ न ठहराएं। घर के बदले घर और सुरक्षित वैकल्पिक निवास की मांग करने वाले निवासियों को पुनर्वास-विरोधी या ‘असहयोग करने वाले झोपड़ाधारक’ कहा जा रहा है, ऐसा भालेराव ने बताया।

शालिमार इंडस्ट्री में बुलाकर दबाव डालने की शिकायतें

भालेराव के अनुसार, कुछ निवासियों को छुट्टी के दिन माटुंगा लेबर कैंप स्थित शालिमार इंडस्ट्री में बुलाकर किराए के चेक स्वीकार करने और घर खाली करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। तोड़फोड़ (डिमोलिशन) से जुड़े कर्मचारी सुबह-शाम बार-बार परिसर में आ रहे हैं, जिससे नागरिकों में भय पैदा हो गया है। साथ ही उन्होंने कहा निजी व्यक्तियों द्वारा धमकी या दमन की शिकायतों की पुलिस स्वतंत्र जांच कर, सबूतों के अनुसार संबंधितों पर कार्रवाई करे।

ज्ञापनों पर सुनवाई कर लिखित निर्णय दें

भालेराव ने बताया कि निवासियों ने संबंधित विकासक के साथ-साथ महेंद्र कल्याणकर, बिपिन पालीवाल और श्रीमती स्नेहल रहाटे को ज्ञापन देकर PAP फ्लैट या उचित वैकल्पिक निवास उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रत्येक आवेदन पर लागू नीति व पात्रता के अनुसार निर्णय लेकर उसके कारण लिखित में दिए जाएं, ऐसी उनकी मांग है।
शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। प्रशासन विकासक के पक्ष के साथ-साथ निवासियों का पक्ष भी दर्ज कर निष्पक्ष सुनवाई करे, ऐसा आह्वान उन्होंने किया। उन्होंने यह आगे कहा कि मीडिया को दी गईं खबरें प्रकाशित न हों, इसके लिए विकासक से जुड़े मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा कुछ संपादकों व मालिकों पर दबाव डाला जा रहा है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

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