BEST कर्मचारियों के कैंसर इलाज में 1.14 करोड़ का अंतर, टाटा मेमोरियल पर गंभीर सवाल

मुंबई जनमत

सैयद जाहिद अली (ब्यूरो चीफ)

मुंबई जनमत। BEST कर्मचारियों के कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल (TMH) को दिए जाने वाले भुगतान में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। BEST के चिकित्सा विभाग ने विगत 4 सितंबर को टाटा मेमोरियल अस्पताल को पत्र लिखकर सात मरीजों के इलाज के अनुमानित और वास्तविक खर्च में बड़े अंतर की ओर ध्यान दिलाया है। पत्र की प्रतियां सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशकों को भी भेजी गई हैं।
BEST समिति सदस्य रमाकांत गुप्ता के अनुसार, टाटा मेमोरियल अस्पताल की ओर से सात BEST कर्मचारियों के कैंसर उपचार का अनुमानित खर्च 1,57,83,485 रुपये बताया गया था। BEST चिकित्सा विभाग की समीक्षा और खर्च के अनुकूलन के बाद वास्तविक खर्च 43,50,196 रुपये रहा। इस तरह अनुमानित और वास्तविक खर्च में 1.14 करोड़ रुपये से अधिक का अंतर सामने आया है। गुप्ता ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

रमाकांत गुप्ता ने आरोप लगाया…

उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में महंगी और आयातित दवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कम कीमत वाले विकल्प उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दवा कंपनियों की Patient Assistance Programme जैसी योजनाओं का लाभ पात्र BEST कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है।
गुप्ता ने एक अन्य मामले का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एक BEST कर्मचारी के इलाज के लिए करीब 32 लाख रुपये का एस्टीमेट दिया गया था, जिसमें 2.40 लाख रुपये का एक इंजेक्शन शामिल था। आरोप है कि तीन बार मरीज को इंजेक्शन की केवल आधी मात्रा दी गई और बची हुई मात्रा BEST की अनुमति के बिना अन्य मरीजों को दी गई। उनके मुताबिक इससे BEST को 3.60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने इस राशि की वसूली की मांग की है।
रमाकांत गुप्ता ने BEST समिति के अध्यक्ष और महाव्यवस्थापक को पत्र भेजकर पूरे मामले की स्वतंत्र ऑडिट और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में उपचार की प्रारंभिक योजना, एस्टीमेट, BEST की ओर से दिए गए अग्रिम भुगतान, इस्तेमाल की गई दवाओं और अंतिम बिल का मिलान कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कथित अतिरिक्त वसूली की राशि TMH से वसूलने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा मामले को सामने लाने वाले BEST के चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को संरक्षण देने की मांग की है। साथ ही भविष्य में अस्पतालों के सभी एस्टीमेट BEST मेडिकल बोर्ड से सत्यापित कराने के बाद ही भुगतान करने की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।

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