धारावी एक्सपीरियंस सेंटर के आकर्षक मॉडल से सावधान; घर, हक और भविष्य केवल डेमो देखकर तय न करें – संजय रमेश भालेराव

मुंबई जनमत

सैय्यद जाहिद अली रियासत

मुंबई जनमत। धारावी पुनर्विकास के संदर्भ में बनाए गए “धारावी एक्सपीरियंस सेंटर” का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता संजय रमेश भालेराव ने धारावीवासियों से अपील की है कि वे किसी भी आकर्षक मॉडल, नमूना घर या प्रेजेंटेशन को देखकर जल्दबाजी में अपने घर और अधिकारों से संबंधित निर्णय न लें।
भालेराव ने कहा कि धारावी में मॉडल घर दिखाने का प्रयोग नया नहीं है। कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के समय धारावी विधानसभा क्षेत्र में एन. शिवराज गार्डन परिसर में लगभग सवा दो सौ वर्गफुट के पुनर्वसन घर का नमूना नागरिकों को दिखाया गया था। उस समय उस मॉडल को लेकर लोगों में काफी आकर्षण पैदा हुआ था और धारावी पुनर्विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें जगाई गई थीं।
उनका कहना है कि नमूना घर और वास्तविक पुनर्विकास में बहुत बड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए आज भी केवल सुंदर इमारतों, आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक मॉडल को देखकर धारावी वासियों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि अंतिम पुनर्विकास योजना में हर निवासी को वैसा ही घर, वैसी ही सुविधा और उसी स्थान पर पुनर्वसन स्वतः मिल जाएगा।

संजय रमेश भालेराव ने कहा…

“फिल्म के सेट पर हर चीज सुंदर दिखाई जा सकती है, लेकिन धारावी के लोगों का जीवन कोई फिल्म का सेट नहीं है। यहां लाखों परिवारों का घर, रोजगार, व्यवसाय, बच्चों की शिक्षा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। इसलिए एक्सपीरियंस सेंटर में दिखाया गया सपना वास्तविक अधिकारों की लिखित गारंटी का विकल्प नहीं हो सकता।”
उन्होंने कहा कि पुराने समय में भी आकर्षक मॉडल के माध्यम से जनता में विश्वास पैदा किया गया था, लेकिन धरातल पर धारावी पुनर्विकास वर्षों तक अधूरा रहा। इसलिए आज के एक्सपीरियंस सेंटर को भी अंतिम सत्य मानने के बजाय नागरिकों को आधिकारिक मास्टर प्लान, पात्रता, पुनर्वसन स्थल और लिखित शर्तों की जांच करनी चाहिए। भालेराव ने धारावीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी प्रकार के भ्रम, प्रचार या आकर्षक प्रस्तुति के प्रभाव में आकर अपने मकान खाली करने अथवा महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का निर्णय न लें।
उन्होंने मांग की कि धारावी की जनता के सामने स्पष्ट रूप से बताया जाए कि प्रत्येक पात्र निवासी को वास्तव में कितने वर्गफुट का घर मिलेगा? उसका पुनर्वसन धारावी के अंदर होगा या बाहर? वर्तमान दुकानदारों, छोटे उद्योगों और व्यवसायियों के पुनर्वसन की व्यवस्था क्या होगी?पात्र, अपात्र और अनिर्णित घोषित परिवारों के लिए क्या नीति है? धारावी का संपूर्ण मास्टर प्लान और सेक्टरवार योजना सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही? एक्सपीरियंस सेंटर में दिखाई गई सुविधाओं में से कौन-कौन सी सुविधाएं वास्तविक पुनर्वसन भवनों में देने की कानूनी और लिखित गारंटी है?
भालेराव ने ये भी कहा कि “हम विकास के विरोधी नहीं हैं। धारावी का पुनर्विकास होना चाहिए, लेकिन वह धारावीकरों की कीमत पर नहीं, बल्कि उनके संवैधानिक और पुनर्वसन अधिकारों की रक्षा करते हुए होना चाहिए। पहले लिखित गारंटी, पारदर्शी मास्टर प्लान और प्रत्येक परिवार के अधिकारों की स्पष्टता दी जाए; उसके बाद ही आकर्षक मॉडल दिखाए जाएं।”

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