बदायूँ जनमत। PET परीक्षा में शामिल होने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से बदायूं पहुंचे 100 परीक्षार्थियों की सहायता के लिए सद्भावना मंच बदायूं की ओर से सराहनीय पहल की गई। मंच के सदस्यों ने परीक्षार्थियों के ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ-साथ सुबह के नाश्ते का भी इंतजाम किया, ताकि परीक्षार्थी बिना किसी परेशानी और तनाव के अपनी परीक्षा दे सकें।
परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सद्भावना मंच के सदस्य रात में ही रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। वहां पहुंचकर उन्होंने दूसरे जिलों और दूरदराज के इलाकों से आए परीक्षार्थियों से मुलाकात की तथा उनके सामने आने वाली समस्याओं को समझकर मौके पर ही समाधान कराया। जिन परीक्षार्थियों को ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरत थी, उनके लिए तत्काल व्यवस्था की गई।
सुबह परीक्षार्थियों को नाश्ता उपलब्ध कराया गया और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। परीक्षा संपन्न होने के बाद सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया। इस मानवीय पहल से परीक्षार्थी काफी खुश नजर आए। दूरदराज से आए परीक्षार्थियों ने सद्भावना मंच बदायूं के सदस्यों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अनजान शहर में जिस तरह मंच के लोगों ने रात में स्टेशन पर पहुंचकर उनकी मदद की और रहने से लेकर नाश्ते तक की व्यवस्था की।
डॉ. इत्तेहाद आलम ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। दूसरे शहरों से परीक्षा देने आए बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो, यही हमारा उद्देश्य था। सद्भावना मंच आगे भी शिक्षा और जनसेवा से जुड़े कार्यों में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
मुहम्मद शादाब ने कहा कि जब हमें पता चला कि दूरदराज से परीक्षार्थी बदायूं आ रहे हैं और उन्हें ठहरने की परेशानी हो सकती है, तो हमने रात में ही स्टेशन पहुंचकर उनकी मदद करने का निर्णय लिया। बच्चों की दुआएं और खुशी ही हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
सरफराज अब्बासी ने कहा कि हमारा मानना है कि समाजसेवा का असली मतलब जरूरत के समय किसी के काम आना है। रात में स्टेशन पहुंचकर बच्चों की परेशानी दूर करने से लेकर उनके ठहरने और सुबह के नाश्ते तक की व्यवस्था करना हमारी छोटी-सी कोशिश थी। हमें खुशी है कि 100 परीक्षार्थियों को इसका लाभ मिला। बदायूँ आने वाला कोई भी विद्यार्थी खुद को अकेला महसूस न करे, यही हमारा संकल्प है।
अशर खान ने कहा युवाओं और परीक्षार्थियों की मदद करना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। सद्भावना मंच की यह पहल आपसी सहयोग, भाईचारे और इंसानियत की मिसाल है। हम आगे भी ऐसे कार्य करते रहेंगे।
इस अवसर पर डॉ. इत्तेहाद आलम, मुहम्मद शादाब, सरफराज अब्बासी, डॉ साबीह खान, अशर खान, सुबोध यादव, सौरभ सक्सेना, मास्टर महताब, मुहम्मद जुवेर सहित अन्य लोगों का विशेष योगदान रहा।


