बदायूँ जनमत। ककराला में पुलिस आतंक चल रहा है। सैकड़ों घरों में ताले लगे हैं । लोग घरों को छोड़ कर भाग गए हैं। निर्दोषों को गिरफ्तार किया जा रहा है। लोकतंत्र में विश्वास बहाली के लिए ककराला में पुलिस दमन तत्काल बन्द किया जाए।
उक्त वक्तव्य आज जारी बयान में यूपी डेमोक्रेटिक फोरम के कार्यसमिति सदस्य अजीत सिंह यादव ने ककराला का दौरा करने के बाद जारी किया।
वह आज यूपी डेमोक्रेटिक फोरम और मानवाधिकार संगठन एपीसीआर के संयुक्त जांच दल को लेकर ककराला का दौरा करने गए थे। जांच दल ने नागरिकों से मिलकर घटना की जानकारी ली और गिरफ्तार लोगों के परिजनों से वार्ता कर हालात का जायजा लिया।
श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा को जायज नहीं ठहराया जा सकता। आम नागरिकों में लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बहाली के लिए जरूरी है कि पुलिस दमन तत्काल बन्द हो। उन्होंने कहा कि यह पुलिस प्रशासन और सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी कीमत पर किसी निर्दोष का उत्पीड़न न हो। उन्होंने ककराला में तत्काल धरपकड़ और गिरफ्तारी अभियान को रोकने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जांच दल को महिलाओं और गिरफ्तार लोगों के परिजनों ने बताया कि पुलिस घरों में घुस कर महिलाओं को भी मार पीट रही है। कई घरों में तोड़ फोड़ कर पुलिस ने घर के समान को नुकसान पहुंचाया है। कई घरों पर पुलिस ने लाल निशान लगा दिए हैं और उन्हें बुल्डोजर चलाकर तोड़ने की धमकी दी जा रही है।

श्री यादव ने बताया कि ककराला में पुलिस दमन बन्द करने की मांग को लेकर 14 दिसंबर को यूपी डेमोक्रेटिक फोरम का प्रतिनिधिमंडल बरेली में कमिश्नर और एडीजी से वार्ता करेगा।
आज जांच दल में यूपी डेमोक्रेटिक फोरम के फहीम खां, एपीसीआर के जिलाध्यक्ष आकिल खां, प्रदेश कोऑर्डिनेटर मुश्फिक रजा खां, नूर, जमात ए इस्लामी हिन्द के मंडल प्रभारी औसाफ़ फलाही, नगर अध्यक्ष सिराज अहमद, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के सतीश बाबू, कृष्ण गोपाल गुप्ता आदि शामिल रहे।

