अलापुर चेयरमैन की पावर सीज पर हाईकोर्ट से लगी रोक; बिना सुनवाई अधिकार छीनना गलत, शासनादेश पर लगाई रोक

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बदायूं के अलापुर नगर पालिका अध्यक्ष हुमा बी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार समाप्त करने के शासनादेश पर आंशिक रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने कहा कि बिना अवसर दिए सीधे अधिकार खत्म किया जाना कानून के खिलाफ है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यूपी नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के तहत किसी भी अध्यक्ष के अधिकार समाप्त करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। खंडपीठ ने इस मामले में पूर्व में आए फुल बेंच के फैसले ‘हाफिज अता उल्ला बनाम राज्य’ और पांच जजों के निर्णय ‘परास जैन बनाम राज्य’ का हवाला दिया।
हाईकोर्ट ने 16 जुलाई 2025 को जारी उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे अध्यक्ष हुमा बी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार समाप्त किए गए थे। हालांकि, कोर्ट ने राज्य सरकार को यह छूट दी है कि वह इस विषय में उपरोक्त कानूनी फैसलों के अनुसार नई प्रक्रिया अपनाकर कार्यवाही कर सकती है।

कोर्ट ने दस दिन का समय दिया…

सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता निशांत शुक्ला ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने अंतिम रूप से दस दिन की मोहलत दी है। इसके अलावा, अधिवक्ता डॉ. पूजा सिंह, समीर सिंह और साक्षी सिंह की ओर से पक्षकार बनाए जाने की अर्जी दाखिल की गई। कोर्ट ने याची पक्ष को इस पर आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया है। अगली सुनवाई में इन अधिवक्ताओं के नाम केस लिस्ट में दर्ज किए जाएंगे।

फाइल फोटो: हुमा बी, अलापुर चेयरमैन।

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