बरेली जनमत। ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद को लेकर शुक्रवार को हुई हिंसा पर लखनऊ में शनिवार को मुख्यमंत्री के सख्त रुख दिखाते ही बरेली पुलिस न कार्रवाई तेज कर दी है। जिला प्रशासन ने बरेली में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश दिया है सुबह एक कार्यक्रम में सीएम ने बरेली हिंसा पर कहा था कि कि मौलाना भूल गया कि यूपी में किसकी सरकार है। ऐसा सबक सिखाएंगे कि हिंसा करने से पहले 100 बार सोचेंगे। इसके कुछ देर बाद ही शनिवार को इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। 40 से ज्यादा को हिरासत में लेकर पूछताछ पुलिस कर रही है।
वहीं अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भिजवा दिया। मौलाना की गिरफ्तारी के बाद एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवा 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई। बीएसएनएल बरेली क्षेत्रीय कार्यालय के जीएम पंकज पोरवाल ने इसकी पुष्टि की है।
10 मुकदमे दर्ज और दो हजार लोग आरोपी…
हिंसा मामले में पुलिस ने अलग-अलग थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। जिसमें करीब दो हजार लोगों को आरोपी बनाया है। छह मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा को आरोपी बनाया गया है। मौलाना पर रासुका की कार्रवाई करने की तैयारी पुलिस कर रही हैं।
पनाहगारों पर भी पुलिस का एक्शन…
मौलाना को पनाह देने पर एक बरातघर संचालक फरहत और उसके बेटे को भी पुलिस ने मुकदमे में शामिल किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार लोगों में मौलाना तौकीर रजा के अलावा सरफराज, मुनीफुद्दीन, अजीम अहमद, मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद आमिर, रेहान, मोहम्मद सरफराज को गिरफ्तार किया गया है।
ये था पूरा मामला…
आई लव मोहम्मद के समर्थन में मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर शुक्रवार को बरेली शहर में भीड़ जुटी थी। हालांकि मौलाना वहां नहीं पहुंचे थे। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे और लाठीचार्ज भी किया था। डीआईजी बरेली अजय कुमार साहनी ने दावा किया था कि भीड़ के पथराव और फायरिंग से 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

