एस शाहिद अली!
बदायूॅं जनमत। मंगलवार की सुबह उसहैत थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव सड़क किनारे पड़ा मिला। उसके पेट में गोली मारी गई थी। आरोप है कि मछली मारने को लेकर हुए विवाद के बाद व्यक्ति को उसके ही वर्षों पुराने दोस्त ने गोली मारकर हत्या कर दी। सूचना पर तमाम आला अधिकारी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
मृतक गांव अहमद नगर बछौरा निवासी राजाराम (42 वर्ष) पुत्र भूमिराज सक्सेना है। वहीं हत्यारोपी अफसर उर्फ बौना उर्फ पहलवान बताया जा रहा है। दोनों के बीच वर्षों पुरानी दोस्ती है और इस दोस्ती की शुरुआत अपराध की दुनिया से हुई थी। इसका अंत नाक के सवाल को लेकर हुआ। मृतक के भाई पंचवीर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि मेरा भाई राजाराम और ग्राम नौली फतुआवाद का रहने वाला अफसर उर्फ वौना उर्फ पहलवान पुत्र असगर अली आपस में दोस्त थे। दोनों का आपस में आना जाना था। सोमवार शाम को गंगा जी में मछली पकडने को लेकर गंगा के बंधे पर दोनों के बीच झगडा हुआ था। उसी बात को लेकर अफसर उर्फ बौना उर्फ पहलवान ने इसे नाक का सवाल बना लिया और अपने साथियों के साथ मिलकर रात्रि में किसी समय मेरे भाई राजाराम को गोली मारकर हत्या कर दी। मेरे भाई की लाश को ग्राम मुगर्रा के पास अम्बेडकर पार्क की जगह के पास फेंक दिया।
अपराध की दुनिया से बने दोस्त…
मृतक राजाराम और हत्यारोपी अफसर उर्फ बौना उर्फ पहलवान करीब 20 साल से अच्छे दोस्त बने हुए थे। दोनों ने मिलकर की अपराधों को अंजाम दिया है। जिला ही नहीं जिले से बाहर और गैर प्रांतों में भी अपराध की घटनाओं को दोनों ने अंजाम दिया। चर्चा है कि कभी दोनों दोस्त किसी गैंग के लिए भी काम किया करते थे।
पुलिस सूत्रों की मानें तो मृतक राजाराम के खिलाफ 08 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं हत्यारोपी अफसर उर्फ बौना उर्फ पहलवान के खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं। इनमें अधिकतर मामले दूसरे राज्यों के हैं।

कटरी में मशहूर थी दोनों की जोड़ी…
गंगा की कटरी में बसे होने के कारण दोनों का खासा दबदबा बना हुआ था। कुछ साल पहले दोनों की जोड़ी खासी मशहूर थी। गंगा की कटरी की जमीन हमेशा दबंग और बदमाश लोगों के कब्जे में रहती है। चर्चा है कि मृतक राजाराम हमेशा 200 से 250 बीघा गंगा कटरी की जमीन पर काबिज रहता था। इस समय भी गंगा किनारे करीब 200 बीघा कब्जाई जमीन में उसकी गेहूं की फसल खड़ी है।


