बदायूॅं जनमत। जनहित सत्याग्रह मोर्चा और क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम के माध्यम से भेजा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि जनपद में छुट्टा, बेसहारा पशुओं और बंदरों का उत्पात और भय लगातार बढ़ रहा है। इससे आए दिन घटनाएं होती रहती है। बन्दर और पशु खेत में काम करने वाले किसान परिवारों के लोगों पर हमले करते हैं। फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। ये जब सड़क पर आ जाते हैं तो सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके अलावा इन पशुओं से फसलों की रखवाली के लिए किसानों को जाड़ा, बरसात, गर्मी हर मौसम में रात को खेतों पर रहना पड़ता है। इनके कारण किसानों को जान-माल के नुकसान के साथ-साथ स्वास्थ्य का नुकसान भी होता है।
इस दौरान प्रेमपाल सिंह, चरन सिंह यादव, डा सतीश, आरके जौहरी, कृष्ण गोपाल, एड पवन गौतम, एड एसपी सिंह, एड प्रताप सिंह उर्फ जेपी सिंह, एड प्रतिपाल सिंह, एड मोहर सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
ज्ञापन में कहा गया…
1 – सांड के हमले में घायल प्रेमा कश्यप के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
2 – बदायूं जनपद के पूरे इलाके से बंदरों और छुट्टा पशुओं को पकड़वाकर उनका उचित इंतजाम किया जाए।
3 – शहरी इलाकों में छुट्टा/बेसहारा पशु कूड़े के ढेर में पॉलीथिन चबाते देखे जाते हैं। इन पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाए। पॉलीथिन के उत्पादन पर रोक लगाई जाए।
4 – छुट्टा/बेसहारा पशुओं के इंतजाम के लिए आसपास के वनों को संरक्षित कर उनकी बेरीकेडिंग की जाए। और वनों में पशुओं के लिए पानी का इंतजाम किया जाए।

