यूपी जनमत। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने व संशोधन को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की आड़ में कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने का आरोप लगा है।
गाजियाबाद जनपद के धौलाना विधानसभा क्षेत्र-58 अंतर्गत गांव नाहल में सुबह के समय दो पुरुष और एक महिला गांव नाहल में पहुंचकर स्वयं को बीएलओ से जुड़ा बताते हुए ग्रामीणों से फॉर्म संख्या-7 लेकर हस्ताक्षर कराने का प्रयास कर रहे थे। कुछ बीएलओ ने भ्रमवश हस्ताक्षर भी कर दिए, लेकिन नाहल गांव की बीएलओ सुनीता ने उनकी गतिविधियों पर संदेह जताते हुए उन्हें पहचान लिया और फर्जी होने की आशंका व्यक्त की।
खुदको भाजपा के मंत्रीमंडल से जुड़ा बताया…
मामले की जानकारी मिलते ही गांव के जिम्मेदार लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। तलाशी के दौरान संदिग्धों के पास से फर्जी कागजात बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने खुद को भाजपा पार्टी से मंत्रिमंडल से जुड़ा बताया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। घटना की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन एडवोकेट, महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। पार्टी नेताओं ने पुलिस प्रशासन से वार्ता कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मौके पर नायब तहसीलदार, लेखपाल और क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन मौजूद रहा। बीएलओ की ओर से पूरे प्रकरण को लेकर शिकायती पत्र भी सौंप दिया गया है। इस संबंध में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन एडवोकेट ने बताया कि पूरे मामले से राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव मतदाता सूची होती है और उसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है। एसीपी मसूरी लिपी नगायच ने बताया कि बीएलओ सुनीता रानी की तहरीर मिली है, अभी जांच की जा रही है, जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

