बदायूॅं जनमत। बाजार में जलभराव से परेशान व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या का समाधान न होने से नाराज व्यापारियों ने नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी की। इस दौरान नगर पंचायत कर्मचारियों से उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि कुछ देर बाद ताला खोल दिया गया। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
मामला अलापुर नगर पंचायत का है। व्यापारियों का कहना है कि कस्बे में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। नालों के अभाव में कई मोहल्लों और विशेषकर मुख्य बाजार में गंदा पानी भर जाता है। हालात यह हैं कि नालियों का दूषित पानी सड़कों और दुकानों के सामने जमा हो जाता है, जिससे ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते और व्यापार प्रभावित होता है। व्यापारियों ने बताया कि पूर्व में इस मुद्दे को मीडिया द्वारा भी उठाया गया था, जिसके बाद नगर पंचायत ने सीवर टैंक से प्रतिदिन पानी निकलवाना शुरू किया। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका। मंगलवार बाजार में फिर से जलभराव हो गया। इससे आक्रोशित व्यापारी सीधे नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए।
कार्यालय पर जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति और समस्या के स्थायी समाधान को लेकर कोई ठोस आश्वासन न मिलने से व्यापारियों का धैर्य टूट गया और उन्होंने गेट पर ताला डाल दिया। इस दौरान कुछ कर्मचारियों से तीखी बहस भी हुई। प्रदर्शन के दौरान मयंक गुप्ता, अर्पित गुप्ता, राम रक्षपाल गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, सोनू देवल, परीक्षित गुप्ता, राकेश गुप्ता, विराट देवल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
पांच करोड़ का भुगतान और बाजार की अनदेखी
सभासदों और व्यापारियों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष हुमा बी के कार्यभार संभालने के बाद से लगभग पांच करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न कार्यों में किया जा चुका है। लेकिन नगर के मुख्य बाजार की सबसे गंभीर समस्या जलभराव का समाधान अब तक नहीं किया गया। पिछले माह तीन करोड़ रुपये के टेंडर भी निकाले गए, लेकिन उनमें बाजार क्षेत्र से संबंधित कोई कार्य शामिल नहीं था। कुछ सभासदों ने भी नाराजगी जताते हुए पहले बाजार की समस्या का समाधान करने की मांग की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नगर पंचायत की अध्यक्ष हुमा बी ने बताया कि बाजार क्षेत्र में नाले निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से टेंडर नहीं होने दिए गए। मैं व्यापारियों की पीड़ा समझती हूं, लेकिन कुछ लोग नगर के विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।

