पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने काशीराम को दी श्रद्धांजलि, कहा- पालिका से लगवाएंगे प्रतिमा

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत। बहुजन समाज के महानायक और बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने अपने कैम्प कार्यालय पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। उन्होने पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा को पत्र लिख कर शहर के किसी चौराहे या पार्क में प्रतिमा लगाने को कहा।
पूर्व मंत्री आबिद रजा ने कहा कि कांशीराम का पूरा जीवन बहुजन समाज को संगठित करने और उसे सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक अधिकार दिलाने के संघर्ष में समर्पित रहा। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और उनके आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ऐसे महान नेता थे, जिन्होंने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्ग के लोगों को एकजुट कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने देशभर में घूम-घूमकर बहुजन समाज को संगठित करने का कार्य किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि संगठित होकर ही अपने अधिकारों की लड़ाई जीती जा सकती है।
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने कहा कि कांशीराम ने जाति के आधार पर बंटे और कमजोर किए गए समाज के लोगों को एकता के सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने बहुजन समाज के लोगों में आत्मसम्मान की भावना जगाई और उन्हें सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को जीवित रखने और उन्हें जन-जन तक पहुंचाने में कांशीराम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने पूरे देश में सामाजिक जागरूकता का अभियान चलाया और बहुजन समाज को एक मजबूत राजनीतिक व सामाजिक ताकत के रूप में खड़ा करने का प्रयास किया।
पूर्व मंत्री आबिद रजा ने कहा कि कांशीराम का संघर्ष और उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कभी भी व्यक्तिगत लाभ या पद की चिंता नहीं की, बल्कि हमेशा समाज के कमजोर और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कांशीराम के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। समाज में समानता, भाईचारा और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए उनके सिद्धांतों और विचारों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने जो आंदोलन खड़ा किया, उसने देश की राजनीति में एक नई चेतना पैदा की और बहुजन समाज को अपनी ताकत का एहसास कराया। उनके प्रयासों से समाज के लाखों लोगों को अपने अधिकारों के लिए आगे आने की प्रेरणा मिली।
पूर्व मंत्री आबिद रजा ने कहा कि कांशीराम का जीवन हमें यह संदेश देता है कि अगर समाज के कमजोर वर्ग एकजुट होकर संघर्ष करें तो वे अपने अधिकार और सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में सच्चे अर्थों में समानता और न्याय स्थापित किया जा सकता है।
इस मौके पर मौजूद लोगों ने भी कांशीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर सभासद मुशाहिद अली, अफसर अली खां, कौसर अली, छोटू, बब्लू रिजवान, रजी उद्दीन, मिंटू, मानू आदि लोग मौजूद रहे।

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