HPCL हत्याकांड; हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह और उसके ताऊ की दुकानें जमींदोज, 4 घंटे तक चले बुलडोजर

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई कंपनी के अफसरों की हत्या के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई ने मंगलवार को रफ्तार पकड़ ली। सैंजनी गांव में हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह व उसके ताऊ की अवैध मार्केट को बुलडोजरों ने ध्वस्त कर दिया। अवैध रूप से कब्जाया पंचायत घर भी तोड़ा गया है।
दोहरे हत्याकांड से जुड़ा मामला इन दिनों सुर्खियों में है। नामी पेट्रोलियम कंपनी के दो अधिकारियों की दिनदहाड़े प्लांट में हत्या कर दी गई और आरोपी अजय प्रताप सिंह साफ निकलकर थाने पहुंचा। बाद में पुलिस ने उसे पैर में गोली मारने का घटनाक्रम दिखाते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस मामले में आरोपी के परिवार के खिलाफ पहली कार्रवाई दुकानों के ध्वस्तीकरण की हुई है। मूसाझाग, दातागंज, हजरतपुर व आसपास के अन्य थानों की पुलिस के साथ एसडीएम व सीओ दातागंज भी यहां डेरा डाले रहे। इसमें हजरतपुर रोड को पुलिस प्रशासन की गाड़ियां लगाकर बंद कर दिया गया। सुबह दस बजे से दो बुलडोजरों ने ध्वस्तीकरण शुरू किया, जो दोपहर दो बजे तक चला। पहले चरण में अजय की छह दुकानों व आवासीय परिसर वाला मार्केट गिराया गया तो दूसरे चरण में उसके ताऊ पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश प्रताप सिंह के मार्केट की पांच दुकान गिरा दी गईं।
वहीं, सैंजनी चौराहे से दूसरे छोर पर पंचायतघर को भी बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक सरकारी जमीन पर गलत नक्शे से बने पंचायतघर पर अजय के परिवार ने कब्जा कर लिया था। हालांकि इसके बराबर में ही प्रधान ने दूसरा पंचायतघर बनवा दिया था। निजी उपयोग में लाए जा रहे पंचायत घर को ध्वस्त किया गया है।

सरकारी बंजर जमीन कब्जाकर बनाया था मार्केट…

सैंजनी चौराहा से हजरतपुर रोड पर पीडब्ल्यूडी के रोड किनारे की सरकारी अभिलेख में दर्ज बंजर जमीन को कब्जाकर यह मार्केट बनाया गया था। अजय और उसके ताऊ राकेश सिंह ने यहां अपनी दुकानें बनवाकर किराये पर उठा दी थीं और मोटी आमदनी कर रहे थे। भतीजे के साथ आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने वाले ताऊ राकेश सिंह को भी खामियाजा भुगतना पड़ा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बंजर जमीन पर कब्जा करके व्यावसायिक गतिविधियां करने वालों को पहले नोटिस दिया गया था। इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया तो विधिक प्रक्रिया के तहत निर्माण तोड़कर रास्ता खाली कराया गया।

चालीस और दुकानों पर ध्वस्तीकरण का खतरा…

अजय के साथ ही उसके परिवार के अन्य लोगों ने भी यहां रोड किनारे की महंगी जमीन कब्जाकर दुकानें बनवा रखी हैं। इसी सीध से अन्य बिरादरी के कुछ रसूखदार लोगों ने भी सैंजनी चौराहे के पास बाजार विकसित कर लिया है। अब अन्य लोगों की करीब चालीस दुकानें इसी तरह बंजर जमीन पर बनाने की पुष्टि हुई है। एसडीएम ने बताया कि इन सभी को नोटिस दिया जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इन दुकानों को भी ध्वस्त किया जाएगा।

दबंगई के दम पर अजय ने सैंजनी चौराहे पर बना ली थी मार्केट…

दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह ने दबंगई और रसूख के दम पर सैंजनी गांव में चौराहे के पास पूरा मार्केट बना लिया था। नोटिस लगने के बाद रविवार रात में ही किरायेदार दुकानदारों ने दुकानें खाली कर दीं, अजय के परिजनों व करीबियों ने शटर और जंगले भी तोड़कर कहीं छुपा दिए।
शाहजहांपुर के दबंग परिवार से जुड़ा अजय प्रताप सिंह पूरी दबंगई से सैंजनी में आकर बस गया था। चौराहे के पास ही उसने सड़क किनारे पूरा बाजार विकसित किया हुआ है। इनमें छह दुकानों के साथ ही आवासीय जगह भी है। लगभग सभी दुकानें किराये पर दी गई थीं। इनमें से एक में चप्पल-जूतों की दुकान, दूसरी में मेडिकल स्टोर, एक में जनसेवा केंद्र व अन्य तरह के धंधे चल रहे थे। घटना के बाद दहशत में सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं।
रविवार सुबह इन दुकानों को निर्माण मानकों के विपरीत बताकर ध्वस्तीकरण पूर्व कार्रवाई का नोटिस चस्पा हुआ तो शाम ढलते ही दुकानदारों ने अपना सामान यहां से हटा लिया। इनमें से एक दुकानदार ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने पगड़ी के रूप में अच्छी खासी रकम अजय को दी थी, काम भी ठीक चल रहा था। अब उनकी वह रकम भी मारी गई। दुकान भी कहीं दूसरी जगह पता नहीं कब मिल सकेगी। फिलहाल, सामान उन्होंने अपने घर पर रख लिया है। सभी दुकानों के लोहे के शटर भी उखड़े हुए थे। इस बारे में संबंधित दुकानदारों ने जानकारी न होने की बात कही।

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