बदायूॅं जनमत। इस्लामनगर में एक नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। यह घटना मंगलवार सुबह लगभग चार बजे मेहरोला निवासी अनीता पत्नी धर्मपाल के प्रसव के दौरान हुई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला को पहले सरकारी अस्पताल लाया गया था, लेकिन एक आशा कार्यकर्ता उसे सीधे एक निजी अस्पताल ले गई, जहां बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत डिलीवरी के समय ही हो गई थी। उनका मुख्य सवाल यह है कि महिला को सरकारी अस्पताल से बिना किसी उचित प्रक्रिया का पालन किए निजी अस्पताल क्यों ले जाया गया। वहीं घटना की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इनमें ACMO डॉ. सनोज मिश्रा, MOIC डॉ. रोहित पटेल, डॉ. गौरव, डॉ. नवनीत और तहसीलदार बिल्सी गिरजा शंकर यादव शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई। फिलहाल, संबंधित निजी अस्पताल को सील कर दिया गया है।
इस मामले में अभी तक आशा कार्यकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही स्तर पर घटना की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।


