बदायूॅं जनमत। दातागंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी के उफनाने से जरतौली गांव के प्राथमिक स्कूल भवन को खतरा हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल भवन को खाली करा दिया गया है। स्कूल के अभिलेख और फर्नीचर आदि निकालकर ग्राम प्रधान के मकान में रखे गए हैं। रामगंगा की लहरें टकराने से बृहस्पतिवार को स्कूल भवन तलहटी से कटना शुरू हो गया है। स्कूल बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से चार दिन पहले की गई व्यवस्था लहरों के टकराने से ध्वस्त हो गई। इसके साथ ही दातागंज के हरे नगला गढ़िया मार्ग पर अरिल नदी के ऊपर बने रपटा पुल पर दो फिट तक पानी आ गया।
रामगंगा नदी का जल स्तर पिछले 12 घंटे से लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा खतरा जरतौली गांव के 20 मकानों को हैं जो पिछले वर्षों में आई बाढ़ में ढहने से बच गए। इसमें गांव का प्राथमिक स्कूल का भवन भी शामिल है। स्कूल भवन रामगंगा के किनारे है। चार दिनों से स्कूल भवन की तलहटी को नुकसान हो रहा है। बुधवार की रात जलस्तर और बढ़ गया। बृहस्पतिवार को रामगंगा की लहरों ने स्कूल भवन को तलहटी से काटना शुरू कर दिया। इससे भवन अंदर-अंदर खोखला होने लगा।
प्रधान के मकान में हुई बच्चों की पढ़ाई…
जरतौली गांव के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध कुमार सिंह ने बताया कि रामगंगा नदी ने स्कूल भवन को नीचे से काटना शुरू कर दिया, इसलिए स्कूल खाली कर दिया। इस गांव से करीब दो किलोमीटर दूर नई जरतोली गांव में ग्राम प्रधान नन्ही देवी के मकान की बैठक में फर्नीचर आदि शिफ्ट किया है। स्कूल में 26 बच्चे हैं। दो अध्यापक हैं, अभी जो बच्चे आ रहे हैं, उन्हें बैठक में ही पढ़ाया जा रहा है।
एसडीएम दातागंज विनोद कुमार सिंह ने बताया कि पानी छोड़ने की वजह से रामगंगा में जलस्तर से बढ़ा है। स्कूल भवन को बचाने के प्रयास किए गए हैं। किसी को दिक्कत होने नहीं दी जाएगी। बाढ़ खंड की टीम के साथ प्रशासन नजर बनाए गए हैं। लेखपालों को सक्रिय कर दिया है।

